टमाटर और बिलौती में फर्क जाने (झारखंडी बोल चाल बिलौती)

टमाटर और बिलौती में फर्क जाने (झारखंडी बोल चाल बिलौती)

जो लोग बिहार – झारखंड से होंगे वे  जानते होंगे। टमाटर उसे कहते हैं जो Tomato की hybrid प्रजाति है। बिलौती उसे कहते हैं जो टमाटर की देहाती प्रजाति है।

सीधे शब्दों में कहें तो जिस tomato का इस्तेमाल salad में होता है उसको टमाटर कहते हैं और जिसका चटनी बना दिया जाता है उसको बिलौती। 🤪🤪

यह आम बोल चाल में बोला जाता है। Oxford dictionary में ऐसा कुछ नहीं मिलेगा। हाँ तो बात ये है कि टमाटर और बिलौती की अपनी प्रकृति है। दोनों एक ही समुदाय से हैं लेकिन अपने अलग – अलग nature के कारण दोनों का महत्व अलग – अलग है। 

टमाटर जब बाजार से लाएंगे तो कहीं टकराने के बाद भी जल्दी नहीं फूटेगा। यदि आप बाजार से बिलौती ला रहे हैं तो संभव है कि वह इधर – उधर टच होने पर फूट जाएगा। पूरे थैला में रायता फैल जाएगा।

ठीक उसी तरह हम सब Human being हैं। लेकिन हमारे बीच कोई टमाटर है और कोई बिलौती। बिलौती लोगों के साथ दिक्कत ये है कि जैसे ही आप कुछ सच लिखेंगे वे फूटने लगेंगे। फूट कर पूरा रायता फैला देंगे। 

आप बात करेंगे स्कूल की वो दिल्ली के लुटियंस जोन होते हुए अयोध्या पहुँच जाएंगे और खुद को लाल कर लेंगे। लेकिन जो टमाटर किस्म के लोग हैं वे थोड़े ठीक हैं। वे अच्छे से बात करेंगे। तथ्यों के साथ बात रखेंगे। आपसे तर्कपूर्ण डिबेट करेंगे। शायद यही कारण है कि salad की फ़ोटो चटनी की फ़ोटो से ज्यादा देखने को मिलती है। 

salad सजा हुआ और व्यवस्थित लगता है। ठीक उसी तरह विचारों से सजा हुआ आदमी प्लेट में सजे हुए सलाद के समान है। सच सुनकर तुरंत फूटकर फुस्स हो जाने से अच्छा है टमाटर बनने की कोशिश की जाए। यह आपके और वतन दोनों के लिए अच्छा है। 

वैसे भी थाली में फैला हुआ रायता हो या चटनी देखने में अच्छा नहीं  लगता है। 🤪🤪🤪

आप टमाटर हैं या बिलौती फैसला खुद करें।

Photo : विदेशी टमाटर की है। 

Written by – @Sanjay Mehta

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