जानें रक्तदान से जुड़ी 15 बड़ी भ्रांतियां और सच्चाई

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रक्तदान करना एक नेक काम है, लेकिन हम में से बहुत ही कम लोग हैं जो रक्तदान के लिए आगे आते हैं!
 दरअसल बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्हें लगता है कि रक्तदान करने से उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ेगा और लोगों नें मनगढ़ंत ऐसी धारणाएं बनाई हुई हैं कि रक्तदान करने से शरीर कई तरह की बीमारियों का शिकार हो जाता है.
ख़ुद 27 बार रक्तदान कर चुके चिकित्सक डॉ चंद्रभूषण आज राज्य भर के लोगों को रक्तदान करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं!
उन्होंने दूर किए ऐसे ही कुछ भ्रम जो लोगों ने रक्तदान को लेकर पाले हुए हैं.
1. रक्तदान से शरीर कमजोर होता है-
लोगों का मानना है कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाता है. लेकिन ये बात सच नहीं है, रक्तदान करने के बाद आपका शरीर कमजोर नहीं पड़ता. बशर्ते आप चिकित्सक की बताई बातों का पालन करें.
2. रक्तदान तकलीफदेह प्रक्रिया है-
अक्सर लोग ये मानते हैं कि रक्तदान करने की प्रक्रिया काफी तकलीफदेह होती है लेकिन सच्चाई यह है कि रक्तदान करते समय चेहरे पर एक   खुशी का  एहसास होता है!
 3. एक बार से ज्यादा रक्तदान नहीं कर सकते- 
लोगों को लगता है कि वो सिर्फ एक बार ही रक्तदान कर सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. हर एक स्वस्थ व्यक्ति साल में 4 बार रक्तदान कर सकता है, आप 3 महीने के अंतराल पर एक बार रक्तदान कर सकते हैं.
4. रक्तदान करने से बढ़ता है तनाव-
ना जाने क्यूं लोगों ने ये भ्रम पाला हुआ है कि रक्तदान करने से तनाव बढ़ता है. लोग मानते हैं कि रक्तदान के बाद से सिर दर्द की समस्या बढ़ जाती है, लेकिन सच इससे बिल्कुल परे है. रक्तदान करने से ना तो किसी तरह का तनाव होता है और ना ही सिर दर्द की समस्या ब्लकि नियमित रूप से रक्तदान करने वाले मानसिक रूप से ज्यादा खुश रहते हैं!
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है- 
लोग मानते हैं कि रक्तदान से रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम होती है, लेकिन ये सरासर गलत है और ऐसा देखा गया है कि नियमित रक्तदान करने वाले लोग ज्यादा स्वस्थ्य रहते हैं!
6. रक्तदान करने से ब्लड प्रेशर स्थिर नहीं रहता- 
रक्तदान को लेकर ये भ्रम भी काफी लोकप्रीय है कि इसके बाद व्यक्ति को बीपी की समस्या होती है. लेकिन डॉक्टर चंद्र भूषण का कहना है कि रक्तदान के बाद हाई या लो बीपी जैसी कोई समस्या होती है!
 7. समय काफी लगता है- 
रक्तदान करने में काफी समय लगता है और यही सोचकर बहुत से लोग इस नेक काम को करने से चूक जाते हैं. लेकिन रक्तदान ज्यादा से ज्यादा आधे घंटे की प्रक्रिया है.
8. इन्फेक्शन फैलने का डर- 
रक्तदान के बाद लोगों को इंफेक्शन फैलने का डर रहता है. लेकिन ब्लड डोनेट करने के बाद किसी तरह का इंफेक्शन नहीं होता क्युकी यह पूरी प्रक्रिया बिलकुल ही सुरक्षित है!
9. धूम्रपान करने वाले रक्तदान नहीं कर सकते- 
हां अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो आप रक्तदान करने से ठीक एक घंटा पहले और बाद में स्मोकिंग नहीं कर सकते.
10. वजन पर फर्क पड़ता है- 
अगर आपसे कोई ये बोले कि रक्तदान करने के बाद वजन घटता या बढ़ता है, तो बिल्कुल ना माने. रक्तदान करने के बाद आपके वजन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.
 11. गर्भवती महिला रक्तदान कर सकती है- 
ये बात सरासर गलत है. गर्भवती महिला भले कितनी भी स्वस्थ हो लेकिन वो रक्तदान नहीं कर सकती.
 12. रक्तदान से शरीर में होती है आइरन की कमी- 
रक्तदान करने से शरीर किसी भी तरह की आइरन की कमी को नहीं झेलता.
 13. रक्तदान के बाद करें पूरा एक दिन आराम- 
रक्तदान करने के बाद भी आप अपने दिनभर का काम आराम से कर सकते हैं. रक्तदान के बाद आपको पूरे दिन के आराम की जरूरत नहीं होती!
14.टैटू बनवाने और अंग छिदवाने  के बाद रक्तदान नहीं कर सकते 
टैटू बनवाना और अंग छिदवाने वाले लोगों पर रक्त दान करने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है लेकिन उन्हें थोड़े इंतज़ार की ज़रूरत होती है.
15.शाकाहारी लोग रक्तदान नहीं कर सकते 
एक सर्वे के मुताबिक़ कई लोगों का मानना है कि शाकाहारी लोग रक्तदान नहीं सकते हैं, इसे आयरन की कमी के रूप में देखा जाता है. 
आयरन रक्त में पाए जाने वाला एक प्रमुख घटक है जो शाकाहारी भोजन में कम पाया जाता है लेकिन जब तक आप संतुलित भोजन खा रहे हैं, तो आपको पर्याप्त आयरन मिलता रहेगा और आप शाकाहारी होकर भी रक्तदान कर सकते हैं!!
“अपील अगर आप स्वस्थ्य रहना चाहते हैं तो हर तीन महीने पर नियमित रक्तदान करने की आदत डालें!”

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