भारत के पहले Dark Sky Reserve का गठन क्यों  होने जा रहा है यहाँ जाने पूरी जानकारी?

0
171

हाल ही में भारत के पहले Dark Sky Reserve के गठन को लेकर एक त्रिपक्षीय समझौता बेंगलुरु स्थित Indian Institute of Astrophysics, लद्धाख यूनियन टेरिटरी एडमिनिस्ट्रेशन और लद्धाख ऑटनोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के बिच हुआ है ! इस समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान लद्दाख  के लेफ्टिनेंट गवर्नर, लद्दाख के सांसद और IIA के डायरेक्टर उपस्थित थे ! इसके साथ ही Hanle स्थित Changthang wildlife sanctuary को भारत का पहला Dark Sky Reserve बनाया जाएगा !

कहा बनने जा रहा है? Dark Sky Reserve

लद्दाख  के हनले गाँव में बनाने जा रहा है भारत के पहले Dark Sky Reserve हनले खगोल के क्षेत्र में अध्ययन के लिए विश्व का सबसे ऊचाँ स्थान है, जो हनले नदी के समीप है ! यह जगह लद्दाख-तिब्बत रूट पर अवस्थित है ! 17 वी सदी के यहाँ का हनले मठ आज भी प्रसिद्ध है ! 4500 मी की ऊचाई पर हनले पहले से ही ऑप्टिकल गामा-रे और इन्फ्रारेड टेलिस्कोपे का स्थान है और यह टेलिस्कोपे इंडियन ऑब्जर्वेटरी कॉम्लेक्स हनले पर स्ठित है जिसका संचालन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एस्ट्रोफिजिक्स द्वरा किया जाता है !

लद्दाख में ही क्यों बनाया जा रहा है?

लद्दाख में अबाधित खगोलिय प्रेक्षण करने की अपार संभावना है ! यहाँ पर अन्तरिक्ष अन्वेषण के लिए ऑप्टिकल, गामा-रे और अवरक्त दूरबीने मौजूद है ! यहाँ वर्ष के अधिकांश महीनो में शुष्क मौसम रहता है ! चूँकि लद्दाख एक शीत मरुस्थल है इसलिए यहाँ बिना किसी बाधा के खगोलिय अवलोकन करने में मदद मिलती है !यहाँ रात में डार्क आसमान होने से यह आकाश की ओर देखने के लिए एक आदर्श प्राकृतिक सेटअप बन जाता है ! इसलिए लद्दाख इसके लिए सबसे उपयुक्त जगह है !

Credit: In this image, taken by ESO Photo Ambassador Yuri Beletsky, the control building at the Paranal Observatory can be seen below a rising Milky Way, like the proverbial pot of gold at the end of a celestial rainbow. This building is a hub for the observatory’s operations, and it is from here that the Very Large Telescope (VLT), the VLT interferometer (VLTI), the VLT Survey Telescope (VST) and VLT Infrared Survey Telescope for Astronomy (VISTA) are controlled and maintained. The team of astronomers, telescope and instrument operators, and engineers is on site 24 hours a day to to run these telescopes and to keep them in top condition. The control building is located on a “shelf” below the main observing platform at the top of the Paranal Mountain. All functions of the four Unit Telescopes (UTs), the four Auxiliary Telescopes (ATs), the two survey telescopes are controlled from their own areas within the central control room, via a gigantic series of computers. However, managing the observations is not just a matter of pointing the telescope towards an astronomical target — continuous monitoring of the telescope status is required, as well as making adjustments to the instruments before taking exposures to optimise their function. It is also necessary to transfer and store the large amounts of data generated, as well as check the quality of the incoming results. Not even the incredible view outside the window is enough to prevent the team from working hard to maintain Paranal’s reputation as one of the world’s most productive and powerful ground-based observatories.

बनाने के उद्देश क्या है ?

लद्दाख में खगोल पर्यटन को बढ़ावा देकर देश – विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से लद्दाख की प्रशासन ने हेनले गाव को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ एस्ट्रोफिजिक्स के साथ मिलकर ‘डार्क स्काई सेंचुरी’ घोषित करने का निर्णय लिया है ! इसमें सेना भी लद्दाख प्रशासन की मदद करेगी ! 

क्या होता है डार्क स्काई सेंचुरी?

डार्क-स्काई रिज़र्व के लिए लाइटिंग प्रोटोकॉल रात के कृत्रिम प्रकाश के प्रति वन्यजीव की स्न्वेदनशिलता पर आधारित है ! यह पौधों, जानवरो और मनुष्यों के लिए समान रूप से रात के वातावरण को संरक्षित करने में मदद करता है !डार्क स्काई सेंचुरी में उर्जा खर्च किये बिना और दुसरे क्षेत्रो को प्रदूषित किये बगैर जरूरत के हिसाब से प्रकाश की प्राकृतिक व्य्वश्था होती है ! यहाँ रात के समय स्वभाविक तौर पर अँधेरा होता है और सितारों की प्राकृतिक रौशनी होती है !आपको बता दे कि इंटरनेशनल डार्क स्काई एसोसिएशन (IDA) डार्क स्काई स्थानों को प्रमाणित करता है !

इंटरनेशनल डार्क-स्काई एसोसिएशन (IDA) क्या है?

यह रात्रि आकाश संरक्षण के लिए विशव स्तर पर मान्यता प्राप्त प्राधिकरण है ! यह मानव स्वस्थ, वन्य जीवन और जलवायु परिवर्तन पर रात में कृत्रिम प्रकाश के नकारात्मक प्रभावों की पहचान और प्रचार करता है !

क्यों है महत्वपूर्ण?

एस्ट्रोटूरिज्म को अगर ठीक तरह से बढ़ावा दिया जाये तो भारत के सबसे युवा संघशासित प्रदेश लद्दाख के स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है ! शायद आपको पता होगा की चीन के ‘FIVE FINGER POLICY’ के तहत लद्दाख को अपने नियन्त्रण में लेने की कोशिशे कुछ समय में तेज हुई है ! इस निति के तहत चीन तिब्बत को अपने दाहिने हाथ की हथेली मानता है और लद्दाख, नेपाल, भूटान, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को अपनी पांच अंगुलियाँ और इस गंभीर वास्तविकता को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने लद्दाख सहित जम्मू और कश्मीर के कई हिस्सों में सुरक्षा और विकास की करवाईया तेज कर दी है और इसी कड़ी में लद्दाख में पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए , हाल ही में वहां भारत के पहले Dark Sky Reserve को खोलने का निर्णय लिया गया है !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here