ISRO लाया हैं फ्री ऑनलाइन कोर्स, सर्टिफ‍िकेट भी मिलेगा

0
1249
gslv-mk-iii-d2-gsat-29-mission_fe78cebe-e882-11e8-a696-ab1a80e4d2e8

अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए रोमांचक क्षेत्र हैं जिन्होंने किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास को बहुत प्रभावित किया है। हाल के वर्षों में, इसने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस उन्नत क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए छात्रों और युवा पीढ़ियों का ध्यान आकर्षित किया है। भारत दुनिया में अंतरिक्ष के अग्रणी देशों में से एक होने के नाते, इसका जीवंत अंतरिक्ष कार्यक्रम है जो देश की परिष्कृत तकनीकी क्षमताओं और इसकी बढ़ती क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में परिपक्व हो गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कई अंतरिक्ष मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है जिसमें 114 अंतरिक्ष यान मिशन, 83 प्रक्षेपण यान मिशन, 13 छात्र उपग्रह, 2 पुन: प्रवेश मिशन और 34 देशों के 342 विदेशी उपग्रह शामिल हैं।

इन अंतरिक्ष मिशनों का उपयोग करके उत्पन्न डेटा और जानकारी कई विकासात्मक गतिविधियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिसमें पृथ्वी अवलोकन, उपग्रह संचार, नेविगेशन, मौसम पूर्वानुमान, टेली-मेडिसिन, पर्यावरण और जलवायु अध्ययन, कृषि, खाद्य और जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन आदि।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (IIRS), इसरो देहरादून ने स्कूली छात्रों के लिए “अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अवलोकन” पर एक विशाल ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOC) की घोषणा की। इस ऑनलाइन पाठ्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं पर ज्ञान और जागरूकता प्रदान करना है। इस कोर्स के दौरान भारत के प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिकों द्वारा तकनीकी सत्र दिए जाएंगे। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस रोमांचक क्षेत्र को समझने के लिए युवा पीढ़ी के लिए यह एक अनूठा अवसर होगा।

उद्देश्य :

इस पाठ्यक्रम का समग्र उद्देश्य स्कूली छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में जागरूकता फैलाना है।

कौन अप्लाई कर सकता हैं?

वैसे बिद्यार्थी जिसका उम्र 10 साल से ज्यादा हैं और वो छः कच्छा से लेकर बारहवी कच्छा का बिद्यार्थी हो और भारत और विदेशों के स्कूली छात्र हो यानी की मिला जुला कर वैसे सभी स्टूडेंट जो अभी पढाई कर रहे हैं इस योजना में भाग ले सकते हैं.

यह कोर्स कब से होगी स्टार्ट?

इसरो का वेबसाइट के तहत यह कोर्स 6 जून 20 22 से शुरू होगी और 5 जुलाई 20 22 तक चलेगी 10 घंटे का इस कोर्स को स्टूडेंट इंग्लिश में ऑनलाइन विडियो के माध्यम से पढ़ सकते हैं इस कोर्स में स्‍टूडेंट्स को स्‍पेस साइंस और टेक्‍नॉलजी के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाएगी

इस कोर्स को अप्लाई कैसे करें

इस कोर्स में अप्लाई करने के लिए इंडियन इंस्टि‍ट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (IIRS) की वेबसाइट (https://isat.iirs.gov.in/mooc.php) पर जाना होगा और वह जा कर आपको ऑनलाइन अप्लाई करना होगा जैसे ही आप अप्लाई करेंगे आपको आपके ईमेल id पर यूजर नाम और पासवर्ड भेज दिया जाता हैं Online Form Link – Click Here

महत्वपूर्ण जानकारी

जब आप इस कोर्स को करते हैं तो आपको एक छोटा सा क्विज पास करना होता हैं जैसे ही आप पास कर लेते हैं यानि की 60 फिश्दी नंबर ले आते है तो आपको एक सर्टिफिकेट भी दिया जाता हैं जो की सरकार के तरफ से मान्य रहता हैं जो की आपको आगे चल कर बहुत ही काम आने वाला हो सकता हैं

कोर्स में क्या क्या पढ़ाया जायेगा?

The topics which will be covered in this course are the following.

S. No.Lecture Title
1Space Technology & Indian Space Programme
2Spacecraft Systems
3Satellite Communication & Navigation technology
4Astronomy and Space Science
5Satellite Meteorology and its applications
6Planetary Geoscience
7Satellite based Earth observations & Remote Sensing Technology
8Remote Sensing Applications in Governance
7Close Range Photogrammetry for Urban Heritage Studies
8Online learning resources and career opportunity in Geospatial technologies
Experiments
1Reading Satellite Imageries for information Extraction
2Geodata access from online data repositories and problem solving using GIS

Dates: Course in English: June 06 – July 05, 2022

विडियो में समझे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here